Iran Attack On Arab States: ईरान की ओर से सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा रहा है। बहरीन ने ईरान पर खाड़ी देशों में लिए पीने के पानी के लिए जरूरी डीसेलिनेशन प्लांट में से एक पर हमला करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं ईरान की ओर से खाड़ी देशों पर पहले ही सैकड़ों मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया जा चुका है। इस बीच सऊदी अरब ने कहा है कि एक मिलिट्री प्रोजेक्टाइल रिहायशी इलाके में गिरा है जिसमें कई लोग घायल हुए हैं।
ईरान की ओर से किए जा रहे हमलों पर सऊदी अरब ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सऊदी अरब का कहना है कि अगर हमले जारी रहे तो ईरान को सबसे अधिक नुकसान होगा। सऊदी विदेश मंत्रालय ने देश और दूसरे खाड़ी, अरब और इस्लामी देशों पर ईरान के हमलों की निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि एयरपोर्ट और तेल सुविधाओं समेत आम लोगों की जगहों पर हमले सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डालने के इरादे के अलावा और कुछ नहीं दिखाते हैं। यह इंटरनेशनल चार्टर और इंटरनेशनल कानून का खुला उल्लंघन है।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने हमलों के लिए ईरान के सही ठहराए जाने को भी खारिज कर दिया और तेहरान के उन दावों को झूठा बताया कि सऊदी अरब ने जंग के लिए अपने इलाके से फाइटर जेट और रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट को ऑपरेट करने की इजाजत दी थी। मंत्रालय ने साफ किया कि जिन एयरक्राफ्ट की बात हो रही है, वो सऊदी और GCC एयरस्पेस को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से बचाने के लिए हवाई गश्त कर रहे थे।
सऊदी अरब चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि ईरान के हमले जारी रहते हैं तो इसका मौजूदा और भविष्य के रिश्तों पर गहरा असर पड़ेगा। मंत्रालय ने कहा कि ईरान की ओर से की जा रही कार्रवाई समझदारी भरी नहीं बल्कि तनाव बढ़ाने वाली है जिसमें ईरान को सबसे ज्यादा नुकसान होगा।
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